सुबह की पहली पसंद: स्वमूत्र चिकित्सा की सच्चाई और परेश रावल की हैरान करने वाली कहानी

सुबह की पहली पसंद: स्वमूत्र चिकित्सा की सच्चाई और परेश रावल की हैरान करने वाली कहानी
Parresh Rawal talking about urine therapy परेश रावल स्वमूत्र चिकित्सा के बारे में बात करते हुए।
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सुबह की पहली पसंद: क्या आप भी पीते हैं अपनी पेशाब? परेश रावल की कहानी से बहस छिड़ी!
सुबह उठते ही आप सबसे पहले क्या पीते हैं? चाय, कॉफी, गर्म पानी, नींबू पानी, या फिर कुछ लोग जो अब ट्रेंड में हैं—गौमूत्र या अपनी ताजी पेशाब (स्वमूत्र)? जी हां, यह कोई मज़ाक नहीं है!

यह सवाल सुनकर आपके चेहरे पर घिन का भाव आ सकता है, लेकिन यह सच है। भारत में लोग न सिर्फ गौमूत्र पी रहे हैं, बल्कि स्वमूत्र चिकित्सा को भी सेहत का अमृत मान रहे हैं। गुलाब शरबत और रूहअफजा की बहस अब पुरानी हो चुकी है;

अब चर्चा है स्वमूत्र की! लेकिन क्या यह सच में फायदेमंद है, या सिर्फ एक अंधविश्वास? आइए, इस अजीबोगरीब ट्रेंड की सैर करते हैं और परेश रावल की कहानी से शुरू करते हैं।
परेश रावल का खुलासा: पेशाब पीकर ठीक किया घुटना!

हाल ही में बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता परेश रावल ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। उन्होंने बताया कि 90 के दशक में सनी देओल की फिल्म घातक की शूटिंग के दौरान उनके घुटने में चोट लग गई थी। उस वक्त अजय देवगन के पिता, वीरू देवगन, ने उन्हें सलाह दी कि अपनी पेशाब पी लें, इससे चोट ठीक हो जाएगी। वीरू ने कहा, “जितने भी फाइटर होते हैं, वो अपनी पेशाब पीते हैं,

इसलिए जल्दी ठीक हो जाते हैं।” परेश ने इस सलाह को गंभीरता से लिया और 15 दिनों तक बीयर की तरह अपनी पेशाब पी। हैरानी की बात यह है कि उनकी चोट सच में ठीक हो गई! एक्स-रे में चोट का कोई निशान नहीं था, और डॉक्टर्स भी हैरान रह गए।


इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। किसी ने कहा, “बाबू भैया, ये जादू है क्या?” तो किसी ने तंज कसा, “परेश रावल ने पेशाब को पंचामृत बना दिया!” कुछ लोगों ने इसे बीजेपी और संघ से जोड़कर ट्रोल किया, तो कुछ ने कहा, “जानते नहीं हो, मुंह मत बनाओ, ठीक हो जाता है।” लेकिन सवाल यह है—क्या स्वमूत्र चिकित्सा सच में काम करती है, या परेश रावल ने बस एक अजीब प्रयोग कर लिया?

स्वमूत्र चिकित्सा का इतिहास:

प्राचीन काल से आधुनिक युग तक पेशाब पीने का चलन नया नहीं है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई स्वमूत्र थेरेपी के सबसे बड़े समर्थक थे। उन्होंने न सिर्फ अपनी पेशाब पी, बल्कि इसे इम्युनिटी बूस्टर बताया। मोरारजी 99 साल तक जीए और कहते थे कि उनकी लंबी उम्र का राज पेशाब है।

लेकिन विदेशी मीडिया में उनका मजाक भी उड़ा। हॉलीवुड स्टार मैडोना ने 2019 में इंस्टाग्राम पर बताया कि वो आइस बाथ के बाद पेशाब पीती हैं, क्योंकि इससे चोट और फंगल इंफेक्शन ठीक होते हैं। ब्रिटिश टीवी स्टार कैरी कटोना ने 2023 में एक रियलिटी शो में अपनी पेशाब पी और त्वचा पर भी लगाई।


प्राचीन भारत में आयुर्वेद की शिवमू चिकित्सा में मूत्र थेरेपी का जिक्र है। पुराने वैद्य पेशाब के रंग और गंध से बीमारी का पता लगाते थे। रोमन साम्राज्य में पेशाब से कपड़े धोए जाते थे, क्योंकि इसमें अमोनिया होता है। आधुनिक युग में भी लंदन के हैरी मेडडिन ने 2020 में दावा किया कि बासी पेशाब से उनका डिप्रेशन ठीक हो गया।

स्वमूत्र चिकित्सा: फायदे या अंधविश्वास?

कई लोग दावा करते हैं कि पेशाब पीने से इम्युनिटी बढ़ती है, त्वचा की समस्याएं ठीक होती हैं, और शरीर डिटॉक्स होता है। उनका कहना है कि पेशाब में एंटीबॉडीज और मिनरल्स होते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं। लेकिन क्या कहता है विज्ञान? मेडिकल साइंस के मुताबिक, पेशाब में 95% पानी, यूरिया, क्रिएटिनिन, और इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं। ये शरीर से निकलने वाला वेस्ट प्रोडक्ट है।

पारंपरिक चिकित्सा में कुछ लोग इसके फायदे बताते हैं, लेकिन वैज्ञानिक सबूत इसके पक्ष में नहीं हैं।
डॉक्टर्स कहते हैं कि पेशाब पीने से बैक्टीरियल इंफेक्शन, किडनी पर दबाव, और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है। खासकर घुटने की चोट ठीक करने के लिए तो बिल्कुल भी सबूत नहीं है। डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि चोट की रिकवरी के लिए फिजियोथेरेपी और दवाएं ही सही रास्ता हैं। अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन ने भी स्वमूत्र थेरेपी को सपोर्ट करने वाले किसी ठोस अध्ययन की पुष्टि नहीं की है।

तो लोग पेशाब क्यों पीते हैं?

फिर सवाल उठता है—अगर विज्ञान इसके खिलाफ है, तो लोग पेशाब क्यों पीते हैं? इसका जवाब है पारंपरिक मान्यताएं और इंसान का सेहत के प्रति जुनून। कुछ लोग मानते हैं कि पेशाब में विटामिन, मिनरल्स और हार्मोन्स होते हैं, जो गठिया, जोड़ों के दर्द, और त्वचा की समस्याओं में मदद करते हैं। लेकिन परेश रावल के कोविड में अस्पताल में भर्ती होने की बात ने उनके दावे पर सवाल खड़े कर दिए। अगर उनकी इम्युनिटी इतनी मजबूत थी, तो वो बीमार क्यों पड़े?

हमारी सलाह: सेहत के साथ समझौता न करें!
स्वमूत्र चिकित्सा इंसान के सेहत के प्रति जुनून को दिखाती है। परेश रावल, मोरारजी देसाई, और मैडोना जैसे लोग इसकी मिसाल हैं। लेकिन हमारी सलाह है—वैज्ञानिक तथ्यों और डॉक्टर्स की सलाह को प्राथमिकता दें। हंसी-मजाक में परेश रावल की कहानी सुनें, उनकी फिल्में देखें, लेकिन सेहत के मामले में सावधानी बरतें। पेशाब को हल्के में न लें, लेकिन इसे पीने की भी जरूरत नहीं है। अपनी सेहत का ध्यान रखें, और कमेंट में बताएं—आप सुबह सबसे पहले क्या पीते हैं?

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sumit

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